छत्तीसगढ़ में मानसून पड़ा सुस्त, बारिश का दायरा हुआ सीमित; नए सिस्टम पर टिकी उम्मीद

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। बारिश कराने वाला मौसमी तंत्र कमजोर होने के कारण प्रदेश में बारिश का क्षेत्र लगातार सीमित हो रहा है। पिछले 24 घंटे में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर केवल बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी उपखंडीय वर्षा सामान्य से करीब 3 प्रतिशत कम रही है। रविवार को रायपुर समेत कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है।

तीन केंद्रों पर एक-एक सेंटीमीटर बारिश दर्ज। बीते 24 घंटे में मुंगेली के लोरमी, सरगुजा के दरिमा और राजनांदगांव के कुमारदा में एक-एक सेंटीमीटर बारिश हुई। अन्य कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश पर्याप्त नहीं हुई। तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री रहा। रविवार को अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

स्थानीय प्रभाव से बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश को प्रभावित करने वाला सिस्टम कमजोर पड़ने से फिलहाल व्यापक बारिश थमी हुई है। हालांकि स्थानीय मौसमी प्रभाव के चलते रायपुर सहित कई क्षेत्रों में बादल बने रह सकते हैं और कुछ जगह हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। यह सिस्टम अगले दो दिनों में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी से नए सिस्टम की उम्मीद। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में फिर से व्यापक बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में किसी नए मजबूत मौसमी तंत्र का बनना जरूरी होगा। फिलहाल ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम नहीं है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों को तेज कर सके। ऐसे में आने वाले दिनों में भी बारिश कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहने की संभावना है।