महासमुंद में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की समीक्षा, शिक्षा-स्वास्थ्य के कमजोर संकेतकों पर विशेष जोर

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महासमुंद। आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के तहत गुरुवार को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के विभिन्न सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, राज्य नोडल अधिकारी शिवम मिश्रा और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से वर्तमान स्थिति और सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े संकेतकों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन वाले संकेतकों की पहचान कर विभागवार कार्ययोजना तैयार करने और उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शिक्षा से जुड़े संकेतकों पर विशेष ध्यान दिया गया। समीक्षा के दौरान पिथौरा विकासखंड के हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम पाए जाने पर विद्यालयवार विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों को चिन्हित कर नियमित मॉनिटरिंग, अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग और आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। साथ ही कम्युनिटी लाइब्रेरी का निर्माण और व्यवस्था जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि लाइब्रेरी में केवल भवन तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुस्तकों, अध्ययन सामग्री और उपयोगी संसाधनों की उपलब्धता के साथ उसका नियमित उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक से पहले राज्य नोडल अधिकारी ने मैदानी निरीक्षण कर ग्रामीणों और हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से संबंधित संकेतकों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित स्तर पर काम करने और मैदानी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों की समय पर डाटा एंट्री करने तथा डाटा की गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पूर्व में हुए कार्यों और संपूर्णता समारोह से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र व अन्य जरूरी दस्तावेज भी समय पर राज्य कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।

बैठक में आदिवासी विकास, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम को केवल रिपोर्टिंग तक सीमित न रखा जाए, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाते हुए परिणाम आधारित सुधार पर जोर दिया जाए। उन्होंने कमजोर संकेतकों में तेजी से सुधार कर जिले के विकासखंडों को बेहतर प्रदर्शन की श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।