रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए खैर एवं तेंदू की लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और परिवहन से जुड़े कथित अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट का खुलासा किया है। मामले में रायपुर निवासी रोहित मित्तल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और रायगढ़ वनमंडलाधिकारी अरविंद पीएम ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बताया कि गिरोह का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था।
आरोप है कि गिरोह ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन क्षेत्रों से खैर और तेंदू की लकड़ियों की अवैध कटाई करवाता था। इसके बाद लकड़ियों को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में एकत्र कर कथित फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट के जरिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता था। वन विभाग ने पांच मई 2025 को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में कार्रवाई कर 42 तेंदू के लट्ठे तथा 146 तेंदू एवं खैर के लट्ठों के साथ जलाऊ लकड़ी, वजन मशीन, कुल्हाड़ी, हथौड़ा और कटर मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त की थी।
जांच के दौरान परिवहन परमिट में संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर दस्तावेजों की वैधता पर संदेह हुआ और आगे की जांच में कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए लकड़ी परिवहन का मामला सामने आया। पुलिस ने मामले में रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया है। वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम की तलाश की जा रही है।
जूटमिल थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा भी मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है।
