रामदास अठावले ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन, कचरा बीनने वाले श्रमिकों को मिले ‘नमस्ते और आयुष्मान कार्ड

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नई दिल्ली । केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के नजफगढ़ जोन के कचरा बीनने वाले श्रमिकों को ‘नमस्तेÓ कार्ड जारी करने के कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मटियाला स्थित एमसीडी सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थी श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।

यह पहल राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्ययोजना (नमस्ते) के तहत कचरा बीनने वाले श्रमिकों को औपचारिक पहचान देने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘नमस्तेÓ योजना का उद्देश्य देशभर में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कचरा बीनने वाले श्रमिकों को ‘नमस्तेÓ कार्ड के साथ आयुष्मान कार्ड भी प्रदान किए। इससे इस महत्वपूर्ण कार्यबल को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

स्वच्छता व्यवस्था में श्रमिकों के योगदान की सराहना
अपने संबोधन में रामदास अठावले ने भारतीय शहरों को स्वच्छ रखने में कचरा बीनने वाले श्रमिकों के अथक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों का कार्य देश की स्वच्छता व्यवस्था और जनस्वास्थ्य के प्रयासों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार लाने तथा उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पूर्ण सहयोग और निरंतर समर्थन प्रदान करेगी।

स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्ययोजना (नमस्ते) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसके तहत सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वाले श्रमिकों सहित स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।योजना के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता कर्मियों की औपचारिक पहचान, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों तक पहुंच, कौशल विकास तथा जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देना शामिल है।‘नमस्तेÓ योजना के माध्यम से देशभर में जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई की कार्यप्रणाली को समाप्त करने और स्वच्छता कर्मियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।