नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर देशभर में भक्तों में उत्साह है। मंदिरों से लेकर घरों तक भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना की जा रही है। मान्यता के अनुसार आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म के बाद उनका अभिषेक किया जाता है और उन्हें विभिन्न पकवानों का भोग लगाया जाता है। जन्माष्टमी की पूजा में पंचामृत का भी विशेष महत्व माना जाता है।
पंचामृत दो शब्दों से मिलकर बना है—‘पंच’ यानी पांच और ‘अमृत’ यानी देवताओं का पेय। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार किया जाता है। कई स्थानों पर इसे चरणामृत भी कहा जाता है। भगवान के अभिषेक के बाद इसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है।हालांकि, घर पर पंचामृत तैयार करते समय सबसे ज्यादा असमंजस दूध और दही की मात्रा को लेकर होता है। दही अधिक होने पर पंचामृत का स्वाद खट्टा हो सकता है, जबकि दूध ज्यादा पड़ने पर यह काफी पतला हो जाता है। ऐसे में स्वादिष्ट और संतुलित पंचामृत बनाने के लिए दूध और दही का सही अनुपात जानना जरूरी है।
दूध-दही का कितना रखें अनुपात?
पंचामृत को संतुलित गाढ़ापन और स्वाद देने के लिए दूध और दही का 2:1 अनुपात रखा जा सकता है। यानी एक कप दूध में करीब आधा कप ताजा और हल्का गाढ़ा दही मिलाएं। इससे पंचामृत न तो बहुत पतला होगा और न ही दही की अधिक मात्रा के कारण इसमें ज्यादा खट्टापन आएगा।इसके बाद इसमें करीब 1 से 2 चम्मच घी, 1 से 2 चम्मच शहद और स्वादानुसार शक्कर मिलाई जा सकती है। ध्यान रखें कि दही ताजा हो और उसमें ज्यादा खट्टापन न हो। पंचामृत बनाने के लिए ठंडे या सामान्य तापमान वाले दूध का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।
पंचामृत में डाल सकते हैं ये चीजें
पंचामृत का स्वाद और बेहतर करने के लिए इसमें कुछ अन्य सामग्री भी मिलाई जा सकती है। इसमें कटे हुए मखाने, तुलसी की पत्तियां, चिरौंजी या सूखे मेवे शामिल किए जा सकते हैं।हालांकि, पूजा के लिए पंचामृत तैयार करते समय सामग्री का चयन अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार करना उचित माना जाता है।
जन्माष्टमी पर क्यों खास है पंचामृत?
जन्माष्टमी पर पंचामृत केवल भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक और भोग का हिस्सा ही नहीं, बल्कि पूजा के बाद भक्तों को प्रसाद के रूप में भी दिया जाता है। इसलिए इसे तैयार करते समय सामग्री की मात्रा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है।अगर आप इस जन्माष्टमी पर घर में कान्हा जी के लिए पंचामृत बना रहे हैं, तो दूध-दही का 2:1 अनुपात अपनाकर स्वाद और गाढ़ेपन का संतुलन बेहतर रखा जा सकता है। ताजा दही, उचित मात्रा में घी, शहद और शक्कर के साथ तैयार किया गया पंचामृत पूजा और भोग को और खास बना सकता है।
