गोपी गीत में छलका कृष्ण-विरह, कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

Follow Us

जगदलपुर। पंजाब सनातन धर्म सभा, महिला सत्संग समिति और युवा समिति के संयुक्त आयोजन में पंजाब भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर गोपी प्रेम, गोपी गीत, कंस वध और रुक्मिणी विवाह तक के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य अमर कृष्ण शुक्ल ने इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति का महत्व समझाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए। गोपी गीत के प्रसंग में उन्होंने बताया कि गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम पूरी तरह निष्काम था। भगवान के अंतर्धान होने पर गोपियां उनके विरह में व्याकुल होकर उनकी लीलाओं और गुणों का स्मरण करने लगीं। आचार्य ने कहा कि सच्ची भक्ति के लिए अहंकार, स्वार्थ और सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण जरूरी है।

कथा में भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन और कंस वध का प्रसंग भी सुनाया गया। आचार्य ने बताया कि भय, अहंकार और अत्याचार के कारण कंस लगातार अधर्म के मार्ग पर बढ़ता गया और उसने भगवान श्रीकृष्ण के माता-पिता समेत कई लोगों को कष्ट दिया। मथुरा पहुंचने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार का अंत कर अपने माता-पिता को बंधन से मुक्त कराया। इसके बाद रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बताया गया कि रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानती थीं और उन्हें ही अपना जीवनसाथी स्वीकार कर चुकी थीं। अपनी इच्छा के विरुद्ध विवाह तय होने पर उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजा, जिसके बाद भगवान वहां पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए।

दोपहर 3 बजे संजय बाजार स्थित गीता भवन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्ग से होते हुए दंतेश्वरी माता मंदिर प्रांगण, सिरासर चौक, गोल बाजार चौक, पुराना एसबीआई चौक, चांदनी चौक स्थित महारानी अस्पताल के सामने, संजय बाजार हनुमान मंदिर चौक और गीदम रोड होते हुए पंजाब भवन पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भजन-कीर्तन व जयकारों के साथ पूरा शहर भक्तिमय नजर आया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर व्यापारी संघों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत करते हुए बजाज शूज के सामने मुख्य मार्ग और बालाजी वार्ड चौक पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें युवा समिति के सदस्यों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।