काठमांडू। नेपाल में आयी भयावह प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,204 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 4,216 लोग अभी भी लापता हैं। सरकार के गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शाम छह बजे बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक बरामद किए गए 1,204 शवों में रसुवा से 115, नुवाकोट से 155, धाडिंग से 60, गोरखा से 69, तनहुं से 38, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 202 और चितवन से 348 शव शामिल हैं।
पहचान के बाद अब तक 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। प्राधिकरण के अनुसार लगभग 4,216 लोग संपर्क में नहीं हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक, उनके साथ गए 164 नेपाली नागरिक, रसुवा से लगभग 865 लोग, नुवाकोट से करीब 1,558 लोग, जलविद्युत परियोजनाओं के करीब 900 कर्मचारी, लांगटांग राष्ट्रीय उद्यान से 3 लोग, क्वारंटीन कार्यालय से 3 लोग, 7 जनप्रतिनिधि, 32 स्थानीय कर्मचारी, 1 निजी स्कूल शिक्षक और 45 नेपाली सेना, 25 नेपाल पुलिस, 13 सशस्त्र पुलिस बल तथा भंसा कार्यालय के 14 कर्मचारी शामिल हैं।
घटना में अब तक 301 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 195 को विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज किया जा चुका है। उपचार के दौरान नेपाली सेना द्वारा 3,111 और सशस्त्र पुलिस बल द्वारा 1,628 लोगों का स्वास्थ्य उपचार किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियानों के लिए कुल 21,314 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें नेपाल पुलिस के 7,912, नेपाली सेना के 9,199 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं। अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
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नेपाली सेना ने हवाई मार्ग से 273 विदेशी और 4,091 नेपाली नागरिकों का रेस्क्यू किया है। फिलहाल 3,453 लोग होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं, जिनमें नुवाकोट में 2,466, धाडिंग में 260, रसुवा में 398 और काठमांडू में 329 लोग शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 45 ट्रक और 37 बोलेरो वाहनों तथा हेलीकॉप्टर की 9 उड़ानों के जरिए खाद्य व गैर-खाद्य सामग्री भेजी गई है। संचार और ईंधन आपूर्ति बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। नेपाल टेलीकॉम के 110 प्रभावित टॉवरों में से सभी को संचालित कर लिया गया है, जबकि एनसेल के क्षतिग्रस्त 78 टॉवरों में से 75 को चालू कर दिया गया है।
