मुंबई। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि, खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, मुंद्रा पोर्ट और विझिंजम पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट केवल बुनियादी ढांचा नहीं बनाते, बल्कि आसपास की पूरी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हैं। केयरएज समूह के वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है, जहां भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निवेश और निर्माण करना जरूरी है।
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अदाणी ने बताया कि आज मुंद्रा देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है, लेकिन कभी इसे जोखिम भरा क्षेत्र माना जाता था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने रेल, लॉजिस्टिक्स, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़कर एक विशाल आर्थिक तंत्र तैयार किया है। इसी तरह केरल का विझिंजम पोर्ट भारत को विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
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उन्होंने खावड़ा परियोजना को भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव बताते हुए कहा कि यह केवल स्वच्छ ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विनिर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे को भी गति देगा। उनके अनुसार, भारत की सड़कें, बंदरगाह, हवाई अड्डे और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं, जो देश की आर्थिक ताकत को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
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