पश्चिम। चंपारण नेपाल में भारी बारिश के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ते ही पश्चिम चंपारण के निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया, जिससे कई गांवों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चकदहवा झंडू टोला, बीन टोली और कान्हा टोला सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल हैं। यहां ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए करीब 3 किलोमीटर तक कमर भर पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, यह समस्या हर साल बारिश के मौसम में तीन महीने तक बनी रहती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बाढ़ से सड़कें टूट गई हैं, बिजली आपूर्ति ठप है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि, अधिकारी हालात का जायजा तो लेते हैं, लेकिन राहत और स्थायी व्यवस्था पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। लोगों ने सरकार से सड़क, बिजली और मजबूत बाढ़ सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि हर साल आने वाली इस मुश्किल से राहत मिल सके।
श्मशान में वायरल वीडियो से बवाल: चिता से मांस खाने का दावा, पुलिस जांच में जुटी
