नई दिल्ली। त्योहारों से ठीक पहले कमोडिटी बाजार में हलचल मची हुई है। कीमती धातुओं और औद्योगिक धातुओं दोनों में एकसाथ तेजी आ रही है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम के विस्तार के बाद डॉलर सूचकांक गिरकर 98 के स्तर पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी धातुओं की कीमत डॉलर में तय होती है। डॉलर कमजोर होने पर खरीदारों के बीच मेटल्स की मांग बढ़ गई है, जिसका असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो जल्द ही तमाम चीजें महंगी होंगी।
ऑल इंडिया एसोसिएशन के अनुसार, सुरक्षित निवेश की नई मांग के चलते दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतें बढ़कर 1.64 लाख प्रति 10 ग्राम के पांच महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 900 रुपये की तेजी के साथ 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यह पिछले हफ्ते के बंद भाव 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने सोमवार को 4729.70 डॉलर प्रति औंस का उच्च स्तर छुआ। वहीं घरेलू बाजार एमसीएक्स पर सोने ने 1.43 फीसदी की तेजी के साथ 164,758 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। चांदी में भी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त जारी रही। सोमवार को यह 3,500 रुपये चढ़कर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम के चार महीने से अधिक के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई। कॉमेक्स पर चांदी ने 69.66 डॉलर प्रति औंस का शीर्ष स्तर छुआ।
एल्युमीनियम और जिंक में गजब की तेजी:
पिछले दो महीने में तांबा 9.68%, एल्युमीनियम 4.88 फीसदी और जिंक 15.48 फीसदी चढ़ा है। जबकि एक साल में तांबा 54.74 फीसदी, एल्युमीनियम 38.45 फीसदी, लेड 9.24 फीसदी और जिंक 55.46 फीसदी महंगा हुआ है। पिछले दो महीने में तांबा 9.68%, एल्युमीनियम 4.88 फीसदी और जिंक 15.48 फीसदी चढ़ा है। जबकि एक साल में तांबा 54.74 फीसदी, एल्युमीनियम 38.45 फीसदी, लेड 9.24 फीसदी और जिंक 55.46 फीसदी महंगा हुआ है।
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इसलिए महंगी हो रहीं कीमती धातुएं:
पृथ्वी फिनमार्ट के रिसर्च हेड मनोज कुमार जैन ने कहा कि, कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका-ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग के दम पर सोमवार को घरेलू बाजारों में सोना उछला, जबकि चांदी भी ऊंचे स्तर पर बनी रही। जैन ने कहा कि सोने-चांदी की अगली चाल अब महंगाई के आंकड़ों पर ज्यादा निर्भर करेगी।
क्या है आगे का आउटलुक : कमोडिटी समाचार के संस्थापक अंकित कपूर के मुताबिक, सोने का ट्रेंड पूरी तरह सकारात्मक है। अगले एक से डेढ़ साल में सोना 1,85,000 से 2,05,000 के स्तर को छू सकता है। चांदी में भी 2,65,000 से 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक के स्तर दिख सकते हैं। निवेशक ईटीएफ में एकमुश्त के बजाय किस्तों में धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।
आपकी जेब पर सीधा असर:
तांबा, जिंक, एल्युमीनियम, लेड और निकेल औद्योगिक कच्चे माल हैं। इनके दाम बढ़ने से सीधे आपकी रोजमर्रा के सामानों की लागत बढ़ेगी। पंखे, एसी, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर और घर की बिजली वायरिंग में भारी मात्रा में तांबा और एल्युमीनियम का इस्तेमाल होता है। इनके दाम बढ़ने से बिजली कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका बोझ वे सीधे ग्राहकों पर डालेंगी। वाहनों की ऑन-रोड कीमतें भी बढ़ सकती हैं। घर निर्माण का बजट भी बढ़ेगा। अंत में समग्र खुदरा महंगाई बढ़ेगी और आम लोगों का बजट बिगड़ेगा।
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