भारत ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचते हुए हर फार्मेट में अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों के विशाल अंतर से हराते हुए टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता और ऐसा करने वाली वह पहली टीम बन गई है। पहली बार किसी मेजबान टीम ने टी20 विश्व कप का खिताब जीता और पहली बार किसी टीम ने तीसरी बार ये आईसीसी टूर्नामेंट जीता। भारतीय टीम ने खेल के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजों ने जहां कीवी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाकर रख दी, वहीं गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को घुटने टेकने को मजबूर किया। फील्डिंग में हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाड़ी जबरदस्त रहे लेकिन भारतीय खिलाडिय़ों ने कुछ एक मौकों को छोडकऱ शानदार फील्डिंग का प्रदर्शन किया। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर का अहमदाबाद में भीड़ को खामोश करने का सपना सपना ही रह गया। उनकी हसरत थी कि जिस तरह पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड की खूंखार बल्लेबाजी की बदौलत वनडे विश्व कप के फाइनल में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम को सन्नाटे से भर दिया था, कीवी भी कुछ वैसा ही करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर 2023 को करोड़ों दिलों को तोडऩे वाली उस हार की यादें भले ही नहीं मिट सकतीं, लेकिन अब भारत ने उसी मैदान में टी20 विश्व कप जीतकर एक नया पन्ना लिख दिया है। भारत ने हिस्ट्री रिपीट भी की और डिफीट भी। एक साथ कई सारे ऐसे कारनामे किए जो विश्व कप इतिहास में पहली बार हुए। अंतिम मुकाबले में 15 रन देकर 4 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह प्लेयर ऑफ द मैच रहे। वहीं, 5 मैच में 3 फिफ्टी के सहारे 321 रन बनाने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ सीरीज चुना गया। भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के तूफानी अर्धशतकों और शिवम दुबे के विस्फोटक 26 रनों की बदौलत विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर बनाया। संजू सैमसन लगातार तीसरे मैच में शतक के करीब पहुंचकर चूके। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की पारियों के बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली। और एक अंतराल के बाद अभिषेक शर्मा भी अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को छोडकऱ हर मैच में फ्लॉप चलते आ रहे शर्मा फाइनल में लय में आ ही गए। उन्होंने 21 गेंद में 52 रन की पारी खेली। पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते आ रहे ईशान किशन ने भी सिर्फ 25 गेंद में 54 रन ठोक डाले। टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी टीम के टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों ने पचास से अधिक का स्कोर खड़ा किया। जवाब में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने घुटने टेक दिए और कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। बुमराह ने 4 और अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किए। भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने की कहानी दोहराकर इतिहास को दोहराया। पहली बार किसी टीम ने बैक टू बैक टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी डिफेंडिंग चैंपियन ने टी20 विश्व कप जीता। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने विश्व विजय किया था तो उसके अगले विश्व कप यानी 2026 में सूर्यकुमार की अगुआई में ये कारनामा दोहराया गया। और एक इतिहास नया रच दिया। टी20 विश्व कप के इतिहास में इससे पहले किसी मेजबान देश ने ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस बार भारत और श्रीलंका ने टी20 विश्व कप की सह मेजबानी की। पहली बार किसी देश ने अपनी ही सरजमीं पर टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है। ठीक वैसे ही, जैसे 2011 में पहली बार किसी मेजबान देश ने वनडे विश्व कप को अपने नाम किया था। टी20 और वनडे विश्व कप दोनों में ही भारत ने ‘हिस्ट्री डिफीटÓ की। इतना ही नहीं, टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप को अपने नाम किया है। और ऐसा पहली बार हुआ है। भारत ने सबसे पहले 2007 के पहले टी20 विश्व कप को जीता था। (शेष पृष्ठ 2 पर)
उसके बाद 2024 में जीता और अब 2026 में भी अपना परचम लहराया है। इससे पहले तक भारत सबसे ज्यादा बार टी20 विश्व कप जीतने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर था और अब अकेले ही शिखर पर मौजूद है। हर जीत हमें खुशियां तो देती ही है, एक नई सीख भी देती है। जीत किसी एक की नहीं होती। कप्तान या उसके सलाहकार रणनीति बनाते हैं, लेकिन ऐन वक्त पर रणनीति बदलनी भी पड़ जाती है। सफल वही होता है, जो टीम के हर सदस्य से उसकी योग्यता, परफार्मेंस और परिस्थितियों के अनुसार काम लेता है। जब सभी मिलकर टीम भावना से खेलते हैं, देश के लिए खेेलते हैं, तो सफलता पक्की हो जाती है।
हमारे शहर और प्रदेश में तो कल दिन में रंगपंचमी के रंगों ने मौसम को सराबोर कर दिया और रात को आतिशबाजी से आसमान भर दिया। देर रात तक जश्न मनाया गया। बस ऐसी जीत के जश्न मनाते रहें, हमारी विश्व विजेता टीम को हार्दिक शुभकामनाएं। हमें आप पर गर्व है। जय हिंद।
