वंदे मातरम् पर कांग्रेस का फैसला देश विरोधी और कानून की खुली अवेहलना : शाह

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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस कार्यसमिति के राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने के फैसले को देश विरोधी और संसद में बनाये गये कानून की खुली अवहेलना करार देते हुए देशवासियाें से एकजुट होकर कांग्रेस के तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करने को कहा है।

  • शाह ने कांग्रेस कार्यसमिति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ” कांग्रेस
  • कार्यसमिति ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला लिया है, वह न केवल देशविरोधी है, बल्कि
  • संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है।
  • वर्ष 1937 में तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने ही ‘वंदे मातरम्’ के दो टुकड़े किए।
  • वहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ।
  • ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया।
  • लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है।
  • ‘वंदे मातरम्’ के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी और देश उसके परिणाम भुगत चुका।
  • देशवासियों से यह अपील है कि एकजुट होकर कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करें।

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उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने बुधवार को कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा कि वंदे मातरम् के मुद्दे पर पार्टी अपने पुराने रुख पर ही कायम है।
कांग्रेस के महासचिव वेणुगोपाल ने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव ही इस विषय पर पार्टी का आधार है।

उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी, आचार्य नरेंद्र देव, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद, गोविंद बल्लभ पंत सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि संविधान सभा के अंतिम दौर में वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत और जन गण मन को राष्ट्रगान का दर्जा दिया गया था तथा कांग्रेस इस व्यवस्था को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है।