अफीम की खेती से छत्तीसगढ़ पर दाग,भाजपा सरकार मौन क्यों? : अरुण वोरा

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दुर्ग। दुर्ग जिले में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल अवैध खेती का नहीं, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।

अरुण वोरा ने कहा, “जबसे भाजपा सरकार 2023 में आई है, तब से वह छत्तीसगढ़ राज्य के लिए लगातार नए-नए नकारात्मक रिकॉर्ड बना रही है। अब तो भाजपा राज में ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाला छत्तीसगढ़ ‘अफीम का कटोरा’ बनने की ओर धकेला जा रहा है। दुर्ग जैसे शहर में करोड़ों रुपये का नशे का कारोबार होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

यह खेती देखकर साफ पता चलता है कि यह पिछले कुछ महीनों की नहीं, बल्कि कई वर्षों से चल रहा एक गंभीर और संगठित अपराध है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती बिना सत्ता के संरक्षण के संभव ही नहीं है। भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि इतने बड़े स्तर पर यह खेती कब से चल रही थी और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।
पहले लगातार यह सुनने और देखने को मिल रहा था कि बाहर के राज्यों से अफीम और अन्य नशे वाले पदार्थ मंगवाए जा रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने भी आए। लेकिन अब स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक और शर्मनाक हो गई है कि हमारे ही प्रदेश में, और वह भी दुर्ग जैसे शहर में, खुलेआम अफीम की खेती हो रही है।

क्या यही भाजपा सरकार का तथाकथित ‘सुशासन’ है? इस तरह नशे की खेती होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए कलंक है। प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने की साजिश को कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
वोरा ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा जो भी लोग इस अवैध नशे के कारोबार में शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि प्रदेश में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।