नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की महू तहसील में मौजूद पातालपानी झरना प्रकृति और रोमांच पसंद करने वालों के लिए शानदार जगह है। करीब 300 फीट ऊंचा यह झरना चोरल नदी से बनता है और बारिश के मौसम में इसका रूप बेहद भव्य हो जाता है।
क्यों पड़ा ‘पातालपानी’ नाम?
झरने के नीचे बने कुंड की वास्तविक गहराई स्पष्ट नहीं है। स्थानीय मान्यता है कि, यह कुंड बेहद गहरा है और इसकी गहराई ‘पाताल’ तक जाती है। इसी लोककथा से झरने का नाम पातालपानी पड़ा।
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मानसून में सबसे खूबसूरत नजारा
जुलाई के बाद बारिश के दौरान यहां पानी का बहाव बढ़ जाता है और आसपास की पहाड़ियां व जंगल हरियाली से भर जाते हैं। गर्मियों में झरना काफी हद तक सूख जाता है। बारिश में चट्टानें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए झरने के किनारे जाने से बचना और सुरक्षित दूरी रखना जरूरी है।
हेरिटेज ट्रेन का भी उठा सकते हैं मजा
पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का सफर इस ट्रिप को और खास बना सकता है। 2026 में मानसून सीजन के दौरान इस रूट पर सेवा फिर शुरू की गई है, जहां पहाड़, घाटियां और झरनों के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं। इंदौर से सड़क और रेल के जरिए पातालपानी पहुंचा जा सकता है। प्रकृति, फोटोग्राफी और वीकेंड ट्रिप के लिए यह जगह बेहतरीन विकल्प है।
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