रायगढ़। रायगढ़ पुलिस को गुमशुदा नाबालिग बालिका की तलाश में बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत पुसौर थाना क्षेत्र से लापता 16 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया है। वहीं, बालिका को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय बालिका 18 फरवरी 2026 को अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद 22 फरवरी 2026 को थाना पुसौर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने बालिका के परिजनों, सहेलियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि बालिका एक युवक के साथ जम्मू में हो सकती है। सूचना के आधार पर एसआई कुंदन लाल गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम जम्मू के लिए रवाना की गई।इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बालिका और संदेही युवक जम्मू से लौटकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में आ गए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिलाईगढ़ स्थित युवक के ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस ने वहां से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में बालिका ने बताया कि आरोपी युवक उसे शादी का प्रलोभन देकर जम्मू ले गया था, जहां दोनों मजदूरी का काम कर रहे थे। बालिका के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आरोपी पर शारीरिक शोषण के आरोप भी पाए गए। इसके बाद मामले में संबंधित गंभीर धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धारा जोड़ी गई।पुलिस ने आरोपी आयुष केंवट (22 वर्ष), निवासी बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय एवं आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि गुमशुदा बच्चों की तलाश, महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा तथा उनके विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
