रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने राज्य पुलिस और सीआईडी की एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर दर्ज की है। एजेंसी का फोकस अब सिर्फ परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे हुए पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी खंगाली जाएगी।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से जुटाई गई रकम किन लोगों तक पहुंची, इसका इस्तेमाल कैसे हुआ और इस नेटवर्क में बिचौलियों की क्या भूमिका थी। मामले में करीब 40 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। सीआईडी की जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। एजेंसी को ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और डिजिटल उपकरण समेत कई अहम सामग्री मिलने की जानकारी है।
इस मामले में अब तक 19 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। वहीं पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अब ईडी की एंट्री के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। एजेंसी कथित परीक्षा घोटाले में मनी ट्रेल, बिचौलियों और वित्तीय नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
