रायपुर। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर आज छत्तीसगढ़ के डीएड (D.Ed) प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने अपनी न्यायसंगत नियुक्ति की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले एक विशाल रैली निकाली। यह रैली बलबीर सिंह जुनेजा ऑडिटोरियम से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौक तक पहुँची।
इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने डीएड अभ्यर्थियों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। वक्ताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 1316 पद रिक्त हैं, जिनमें से 800 से अधिक पद अकेले अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) वर्ग के आरक्षित पद हैं।
आंदोलनकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और विडंबनापूर्ण है कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी वर्ग से मुख्यमंत्री होने तथा शासन का शीर्ष नेतृत्व आदिवासी समाज के पास होने के बावजूद, आदिवासी युवाओं को उनके हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी आज पर्यंत तक इन पदों पर नियुक्ति न दिया जाना सीधे तौर पर आदिवासी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और उनका शोषण है।
सर्व आदिवासी समाज और डीएड अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ योग्य प्रशिक्षित डीएड अभ्यर्थी एवं सर्व आदिवासी समाज (रायपुर )

