सरगुजा। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को सरगुजा पुलिस ने लगभग 10 दिनों की लगातार तलाश के बाद बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और मोबाइल फोन बंद रखकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई राज्यों में लगातार दबिश दी और आखिरकार उसे बिहार पुलिस के सहयोग से पकड़ने में सफलता हासिल की। मामले में आरोपी के नाम से जारी लाइसेंसी 12 बोर डीबीबीएल बंदूक और उसका लाइसेंस भी पहले ही जब्त किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली, अंबिकापुर में दर्ज अपराध क्रमांक 504/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी तरुण कुमार जायसवाल ने एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देशन में दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व में गठित टीमों को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले व्यक्ति के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर और उसके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस से बच निकलने में सफल रहा। पुलिस को आरोपी के दोनों घरों में ताला बंद मिला और उसका मोबाइल भी लगातार बंद था। जांच अधिकारियों ने आरोपी के रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की। साथ ही उसके बैंक खाते फ्रीज कराए गए तथा वाहन की ट्रैवल हिस्ट्री और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच भी की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग राज्यों में अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर रहा था और जरूरत पड़ने पर राहगीरों से मोबाइल लेकर संपर्क करता था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बावजूद पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार फील्ड ऑपरेशन के चलते आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनी रही।
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में झारखंड के देवघर और वासुकीनाथ, ओडिशा के पुरी, झारखंड की राजधानी रांची सहित कई संभावित स्थानों पर दबिश दी। लगातार पीछा करने के बाद आखिरकार आरोपी को बिहार के पटना से स्थानीय पुलिस के सहयोग से हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के लिए पटना की अदालत में पेश किया गया, जहां से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद उसे सरगुजा लाया जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच करेगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के नाम से जारी लाइसेंसी 12 बोर डीबीबीएल बंदूक और उसका लाइसेंस पहले ही जब्त किया जा चुका है। आगे की विवेचना के दौरान आरोपी से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। सरगुजा पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फरार अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए तकनीकी जांच, अंतरराज्यीय समन्वय और विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
