दुर्ग। अक्सर घरों में महीने के अंत में आने वाले बिजली बिल को लेकर चिंता बनी रहती है। कितनी बिजली खर्च हुई, बिल कितना आएगा और भुगतान कैसे होगाकृये सवाल हर परिवार के मन में उठते हैं। लेकिन दुर्ग शहर के वार्ड क्रमांक 9, गिरधारी नगर निवासी रितेश कुमार सोनी के लिए यह चिंता अब बीते दिनों की बात हो गई है। उनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपयोग को लेकर पारदर्शिता आई है और मासिक बिल का डर लगभग समाप्त हो गया है। सोनी बताते हैं कि पहले उन्हें महीने भर बिजली उपयोग का पत्र अंदाजा नहीं होता था। बिल आने के बाद ही पता चलता था कि कितनी बिजली खर्च हुई है। कभी-कभी अपेक्षा से अधिक बिल आने पर परेशानी होती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
अब वे “मोर बिजली” मोबाइल एप के माध्यम से अपने घर की बिजली खपत की जानकारी प्रतिदिन और प्रति घंटे देख सकते हैं। एप में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि किस समय बिजली की खपत अधिक हुई और किस समय कम। इससे वे अनावश्यक बिजली उपयोग को तुरंत पहचानकर नियंत्रित कर लेते हैं। रितेश कुमार सोनी कहते हैं, “स्मार्ट मीटर लगने के बाद सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि अब बिजली बिल को लेकर मन में डर नहीं रहता। मोबाइल पर हर दिन की खपत दिख जाती है।
इसलिए हमें पहले से पता रहता है कि बिल कितना आ सकता है। हम अपने उपयोग को नियंत्रित भी कर पाते हैं।” स्मार्ट मीटर की एक और विशेषता उन्हें बेहद उपयोगी लगती है। एप में पिछले वर्ष की समान तिथि की बिजली खपत की जानकारी भी उपलब्ध रहती है। इससे वे आसानी से तुलना कर पाते हैं कि इस वर्ष बिजली उपयोग बढ़ा है या घटा। तुलना के आधार पर वे घर में ऊर्जा बचत के उपाय अपनाते हैं, जैसे अनावश्यक लाइट बंद रखना, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करना और बिजली का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना। परिवार के अन्य सदस्य भी अब बिजली बचत के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं। बच्चों को भी यह समझ आने लगा है कि छोटी-छोटी सावधानियां बिजली बिल कम करने में मदद करती हैं।
घर में ऊर्जा संरक्षण की एक नई आदत विकसित हुई है। सोनी मानते हैं कि स्मार्ट मीटर केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ता को जागरूक बनाने वाला माध्यम है। वास्तविक समय में उपलब्ध जानकारी से उपभोक्ता अपने खर्च पर नियंत्रण रख सकता है और अनावश्यक बिजली खपत को कम कर सकता है। इससे आर्थिक बचत के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। दुर्ग शहर में स्मार्ट मीटर का यह अनुभव बताता है कि आधुनिक तकनीक आम नागरिकों के जीवन को सरल बना सकती है। रितेश कुमार सोनी जैसे उपभोक्ताओं की कहानी यह संदेश देती है कि सही जानकारी और तकनीक के उपयोग से बिजली बिल की चिंता को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है।
