बलेनो कार में छिपाकर ले जा रहे थे लाखों का गांजा, पुलिस को देख तस्कर हुए फरार

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद जिले की सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास एक लावारिस खड़ी बलेनो कार से 52.990 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार की पिछली सीट और रूफ में विशेष गुप्त चेंबर तैयार कर उसमें गांजा छिपा रखा था। पुलिस ने गांजा, कार और दो मोबाइल फोन समेत कुल 29.51 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर फरार वाहन चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की ओर से जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत महासमुंद पुलिस लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आने वाले वाहनों की विशेष निगरानी की जा रही है, क्योंकि इस मार्ग का उपयोग तस्कर अक्सर गांजा की खेप पहुंचाने के लिए करते हैं। इसी दौरान सिंघोड़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से एक बलेनो कार क्रमांक OD 02 BF 1327 में बड़ी मात्रा में अवैध गांजा छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन का इंतजार शुरू किया।

कुछ देर बाद पुलिस को सूचना के अनुसार वाहन चेकिंग प्वाइंट से लगभग 100 मीटर पहले खड़ा दिखाई दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की गई तो उसमें कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। वाहन संदिग्ध स्थिति में खड़ा होने के कारण पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को कार की पिछली सीट और छत के अंदर विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त चेंबर मिले। इन चेंबरों को इतनी सफाई से बनाया गया था कि सामान्य जांच के दौरान उनका पता लगाना आसान नहीं था। जब पुलिस ने चेंबर खोले तो उनमें बड़ी मात्रा में अवैध गांजा छिपाकर रखा गया था। बरामद गांजे का कुल वजन 52.990 किलोग्राम निकला।

करने के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त बलेनो कार और दो मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए। जब्त संपत्ति में 52.990 किलोग्राम गांजा जिसकी अनुमानित कीमत 26,48,500 रुपये, बलेनो कार जिसकी कीमत 3 लाख रुपये तथा दो मोबाइल फोन जिनकी कीमत 2,500 रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल 29,51,000 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए वाहन में विशेष गुप्त चेंबर तैयार कर गांजा छिपाया था। यह तरीका दर्शाता है कि मादक पदार्थ तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के कारण इस बार उनकी योजना सफल नहीं हो सकी।

सिंघोड़ा थाना पुलिस ने फरार वाहन चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस वाहन के पंजीयन, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तस्करों की पहचान करने में जुटी हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित चेकिंग, खुफिया सूचना तंत्र को मजबूत करने और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के माध्यम से तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं मादक पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समाज को नशे के कारोबार से सुरक्षित रखा जा सके।