उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक भारत की टॉप 10 बेहतरीन कंपनियों में शामिल

Follow Us

* ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया द्वारा ‘काम करने के लिए भारत की बेहतरीन कंपनियों (2026)’ की सूची में 8वाँ स्थान मिला

मुंबई। भारत के प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंकों में से एक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसबीएफ) ने घोषणा की है कि उसने ‘काम करने के लिए भारत की 100 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों’ की 2026 (इंडियाज़ बेस्ट कंपनीज़ टू वर्क फॉर 2026) की सूची में 8वाँ स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि बैंक की पिछली रैंकिंग से एक बड़ी छलांग है और देश में काम करने के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक के तौर पर इसकी स्थिति को और मजबूत करती है।

इस उपलब्धि के अलावा,
उज्जीवन एसएफबी को ‘बीएफएसआई 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों’ की टॉप 25 और ‘स्वास्थ्य और कल्याण 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों’ की टॉप 10 सूची में भी शामिल किया गया है। यह बैंक की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह ऐसा माहौल बनाना चाहता है, जहाँ लोग आगे बढ़ सकें, तरक्की कर सकें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

उज्जीवन एसएफबी के लिए,
यह पहचान सिर्फ एक रैंकिंग नहीं है, बल्कि यह लगातार हो रही तरक्की की कहानी है। पिछले कुछ सालों में, बैंक ने लीडरशिप की पहुँच, कर्मचारियों की भलाई, करियर में आगे बढ़ने के मौकों, इनोवेशन और कर्मचारियों के फीडबैक को सुनने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के जरिए अपने कल्चर को लगातार मजबूत किया है। इसका नतीजा एक ऐसा वर्कप्लेस है, जहाँ भरोसा साल-दर-साल और मजबूत होता जा रहा है। उज्जीवन एसएफबी ने अब लगातार 16 सालों तक ग्रेट प्लेस टू वर्क®’ की पहचान हासिल की है (उज्जीवन एसएफबी- *नोट 1), जो लोगों को प्राथमिकता देने की इसकी मजबूत सोच का सबूत है। *नोट 1- (*2009 से 2016- यूएफएसएल | 2017 से 2026- यूएसएफबी)

उज्जीवन एसएफबी में ह्यूमन रिसोर्स की हेड चंद्रलेखा चौधरी ने कहा,
“काम करने के लिए भारत की सबसे अच्छी कंपनियों में शामिल होना हमारे लिए बहुत विशेष है, क्योंकि यह पहचान कर्मचारियों के फीडबैक और अनुभवों के आधार पर मिली है। यह रैंकिंग प्रदर्शित करती है कि हमारे लोग कंपनी पर कितना भरोसा करते हैं और हमारे कल्चर के बारे में उनकी ईमानदार राय क्या है। यही वजह है कि इसे वर्कप्लेस पर बेहतरीन कामकाज का सबसे भरोसेमंद पैमाना माना जाता है। हम उज्जीवन एसएफबी के हर उस कर्मचारी के बहुत आभारी हैं, जिनकी राय और योगदान से यह कामयाबी मिली है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम भरोसे का कल्चर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

उज्जीवन एसएफबी की रैंकिंग में बढ़ोतरी एक ऐसे वर्कप्लेस कल्चर को दर्शाती है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कई अहम् आधारों पर टिका है, जैसे कि:

विकास और लगातार सीखने को बढ़ावा देना:
उज्जीवन एसएफबी व्यवस्थित लर्निंग, लीडरशिप प्रोग्राम और डिजिटल लर्निंग के जरिए कर्मचारियों के विकास में निवेश करना जारी रखे हुए है। इसके तहत हर कर्मचारी के लिए 48 से ज़्यादा लर्निंग घंटे उपलब्ध कराए जाते हैं और एलएमएस का इस्तेमाल 99% तक होता है।

समावेशी अवसर और विविधता:
बैंक एक समावेशी कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देता है, जिसमें बोर्ड में 56 प्रतिशत और शीर्ष प्रबंधन में 20 प्रतिशत महिलाएँ शामिल हैं, जिससे विविध प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं।

कर्मचारियों की बात सुनना और सार्थक जुड़ाव:
एआई-आधारित फीडबैक प्लेटफॉर्म, लीडरशिप टाउन हॉल और कर्मचारी फोरम के जरिए कर्मचारियों की बात सुनने की मजबूत संस्कृति बनती है, जिससे 93% जीपीटीडब्ल्यू ट्रस्ट इंडेक्स हासिल करने में मदद मिलती है।

पहचान और करियर का विकास:
कर्मचारियों को आंतरिक करियर के अवसरों, लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम और लगातार पहचान वाले कल्चर के ज़रिए आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाया जाता है।

सर्वांगीण भलाई और देखभाल:
26,500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए व्यापक स्वास्थ्य और वेलनेस सहायता, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और लचीले काम के तरीके, उज्जीवन एसएफबी की ‘लोगों को प्राथमिकता देने वाली’ संस्कृति को मजबूत करते हैं।

आज, उज्जीवन एसएफबी पूरे भारत में 26,500 से अधिक लोगों को रोजगार देता है और एक ऐसा समावेशी कल्चर बनाता जा रहा है, जहाँ कर्मचारियों को आगे बढ़ने, नई चीजें करने और लाखों ग्राहकों की जिंदगी में सार्थक बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाया जाता है।