मुंबई, महाराष्ट्र। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाई गई इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है। राउत ने कहा कि राहुल गांधी की बातें केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं हैं, बल्कि देश के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को दर्शाती हैं।
मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता के मुद्दों को उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हुई बड़ी सुरक्षा घटनाओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
राउत ने पुलवामा आतंकी हमले और पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
शिवसेना यूबीटी सांसद ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया गया और कहा कि ऐसे मामलों में भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
वहीं, एंटी पेपर लीक बिल को लेकर भी संजय राउत ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है।
केंद्र सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करना है। सरकार के अनुसार नए प्रावधानों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
संजय राउत के बयान के बाद केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
