दुर्ग। दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ जमीन से जुड़े विवाद का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर लखन सिंह, निवासी डिपरा पारा, पोटिया रोड, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता प्रविन्दर सिंह चाने, निवासी मालवीय नगर, दुर्ग, ने आरोप लगाया है कि उनकी बहुमूल्य जमीन को हड़पने की नीयत से उन्हें डराया-धमकाया गया और बंदूक की नोक पर जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए।
शिकायत के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर लखन सिंह ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जहां कथित रूप से लाइसेंसी बंदूक दिखाकर दबाव बनाया गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने सरकारी गाइडलाइन मूल्य पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए मजबूर किया और कहा कि बाजार मूल्य की शेष राशि बाद में दी जाएगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन उन्हें लगातार धमकियां देकर सौदा करने के लिए मजबूर किया गया। प्रविन्दर सिंह चाने ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें दस्तावेजों को ठीक से पढ़ने तक का अवसर नहीं दिया। कथित रूप से जल्दबाजी में कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और रजिस्ट्री से संबंधित कागजात की प्रति भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप संदेशों और फोन कॉल के माध्यम से लगातार धमकियां दीं। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई कराने की धमकी देकर चुप रहने का दबाव बनाया गया। इन घटनाओं के बाद पीड़ित और उनके परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से संरक्षण की मांग की है। स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी लखन सिंह लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वह कथित तौर पर अवैध प्लॉटिंग, खसरा नंबरों में हेरफेर और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के माध्यम से जमीनों की खरीद-बिक्री करता रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फिलहाल शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है।
मोहन नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 0533 दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 351(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यदि शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले में अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। वहीं आरोपी पक्ष का बयान भी जांच प्रक्रिया के दौरान लिया जाएगा, ताकि सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से अपनी और अपने परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार भय के माहौल में जी रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर संपत्ति संबंधी विवादों में पारदर्शिता, दस्तावेजों की विधिवत जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें और किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
