नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोशल मीडिया पर फैल रही कथित भ्रामक सूचनाओं को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने दावा किया कि फर्जी खबरें फैलाने वाले 400 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए गए हैं और ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस के DCP रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई की घटना को लेकर एक पोस्ट में एक लड़की की मौत का दावा किया गया, जबकि जांच में यह जानकारी गलत पाई गई।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट से भ्रामक पोस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने सोनम वांगचुक से जुड़ा एक कथित फर्जी वीडियो सामने आने की बात कही, जिसमें आवाज और वीडियो को अलग तरीके से पेश किए जाने का दावा किया गया। मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष टीम (STF) गठित करने की जानकारी दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस ने एक राजनीतिक नेता के वीडियो का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उसमें गलत जानकारी के जरिए लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस ने हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल सभी दावों को तथ्यों के आधार पर जांचने की बात कही है।
वहीं, CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बताया है कि वह टाइफाइड से पीड़ित हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने देर रात बैरिकेडिंग बढ़ाई है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक के बाद CJP की ओर से कहा गया था कि यदि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फैसला नहीं होता है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर स्पष्ट रुख सामने आए बिना सरकार के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है। बताया जा रहा है कि CJP और सरकार के बीच शनिवार दोपहर तीसरे दौर की बैठक हो सकती है, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार अपना पक्ष रख सकती है।
