NEET पेपर लीक मामले में केंद्र का सख्त कदम, 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट; आरोपियों पर नए कानून के तहत चलेगा मुकदमा

Follow Us

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है। इसके बाद NEET पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

सरकार अब इस मामले की सुनवाई को तेज करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की दिशा में आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और हाई कोर्ट से समन्वय कर चार राज्यों में विशेष अदालतें गठित करने का अनुरोध करेगी। इन अदालतों में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई कर जल्द फैसला सुनाने की कोशिश की जाएगी। बताया जा रहा है कि इन फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्देश्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना है, ताकि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हो सके। सरकार का मानना है कि तेज सुनवाई से छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत होगा।

NEET पेपर लीक मामले में अब तक सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल कराने वाले गिरोह, सॉल्वर गैंग, परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल और अन्य अनुचित तरीकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। यह कानून 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू हुआ है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है। यह अधिनियम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS), केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं पर लागू होता है।

चूंकि NEET परीक्षा का आयोजन NTA द्वारा किया जाता है, इसलिए पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों में भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। कानून में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले में दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार का मानना है कि विशेष अदालतों के गठन से न केवल आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश भी जाएगा। सरकार का उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक और संगठित नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। NEET पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से लगातार जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही थी। अब सरकार की ओर से उठाए जा रहे इन कदमों को परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।