नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलाने को लेकर चल रही चर्चाओं और सोशल मीडिया की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने संसद में बताया कि फिलहाल देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20 फ्यूल) ही लागू है और इसे बढ़ाने का अभी कोई नया फैसला नहीं लिया गया है। राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का कोई भी कदम जल्दबाजी में नहीं उठाया जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिक जांच, तकनीकी अध्ययन और वाहन कंपनियों, तेल कंपनियों तथा विशेषज्ञ संस्थानों से चर्चा जरूरी होगी।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की योजना धीरे-धीरे आगे बढ़ी है। साल 2013-14 में जहां एथेनॉल मिश्रण करीब 1.53 प्रतिशत था, वहीं लगातार प्रयासों के बाद 2021-22 में यह 10 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके बाद देश में E20 फ्यूल को लागू किया गया। सरकार ने साफ किया कि, फिलहाल पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल मिश्रण का स्तर 20 प्रतिशत ही रहेगा। भविष्य में किसी भी बदलाव का फैसला पर्यावरण, वाहन तकनीक और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
