नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। सोमवार 20 जुलाई 2026 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में सीधे सुप्रीम कोर्ट आने के बजाय पहले संबंधित हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध कर उसी दिन सुनवाई की मांग की। इस पर CJI सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट को दरकिनार कर सीधे सुप्रीम कोर्ट आना उचित नहीं है।
CJI ने कहा कि अगर आज ही इमारत गिरा दी जाए, तब भी सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सीधे सुनवाई नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े मामलों में तथ्यात्मक जांच की जरूरत होती है, इसलिए ऐसे मामलों की सुनवाई पहले हाईकोर्ट में होनी चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, वह तालाब क्षेत्र में होने का आरोप लगाया गया है। वकील ने दावा किया कि भवन का निर्माण स्वीकृत योजना के अनुसार किया गया था और इसके लिए अनुमति भी मौजूद थी।
वहीं प्रशासन का पक्ष है कि निर्माण कथित रूप से तालाब क्षेत्र में किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच आवश्यक है और इसके लिए हाईकोर्ट उचित मंच है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पहले संबंधित हाईकोर्ट जाने की सलाह दी और तत्काल सुनवाई या किसी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
