नई दिल्ली। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र सरकार घरेलू रसोई में एथेनॉल आधारित कुकिंग सिस्टम को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस दिशा में एक नई नीति पर काम कर रहा है, जिसमें उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन और संभावित सब्सिडी देने का प्रावधान शामिल हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत एथेनॉल की उपलब्धता बढ़ाने, वितरण नेटवर्क तैयार करने और सुरक्षित उपयोग के लिए जरूरी मानकों को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य एथेनॉल को एलपीजी और पीएनजी के पूरक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि, एथेनॉल आधारित कुकिंग सिस्टम से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है। गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाले एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से किसानों और जैव-ईंधन उद्योग को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
तेल कंपनियां एथेनॉल कुकिंग स्टोव और सुरक्षा तकनीक पर परीक्षण कर रही हैं। यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में अधिकृत केंद्रों के जरिए एथेनॉल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी इस नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अंतिम मंजूरी के बाद ही इसके नियम, समयसीमा और लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
