सिम्स में भर्ती बिलासपुर केंद्रीय जेल के कैदी की मौत, 20 साल की सजा काट रहा था बंदी

Follow Us

बिलासपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहे एक बंदी की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी और उसका केंद्रीय जेल अस्पताल में उपचार किया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को बंदी के सीने में अचानक तेज दर्द उठा, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए सिम्स रेफर किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान प्रभु कुमार मनहर निवासी विद्याडीह टांगर, पचपेड़ी क्षेत्र के रूप में हुई है। वह पचपेड़ी थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था।

पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2024 की रात आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिजनों की शिकायत पर पचपेड़ी थाना में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन से महाराष्ट्र ले गया है।

इसके बाद पचपेड़ी पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ मिलकर कार्रवाई की और आरोपी को महाराष्ट्र के अमलनेर रेलवे स्टेशन, जो भुसावल के पास स्थित है, से गिरफ्तार किया। पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया था। पीड़िता के बयान के बाद मामले में बीएनएस की धारा 87 और 64 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रभु कुमार मनहर को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद था। बताया गया कि 15 जुलाई 2026 को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका लगातार इलाज चल रहा था।