सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 से 19 जुलाई तक पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी शहर के बाहरी इलाके में स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 18वीं बटालियन का दौरा किया और सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरे के दौरान गृह मंत्री का मुख्य फोकस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा व्यवस्था, राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करना है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला बेहद संवेदनशील भूभाग माना जाता है।
अमित शाह शुक्रवार रात ही पश्चिम बंगाल पहुंच गए थे। शनिवार को उन्होंने BSF जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित किया और पौधरोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। दौरे के दौरान BSF परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने, तस्करी पर नियंत्रण और क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, गृह सचिव संघमित्रा घोष, BSF के महानिदेशक प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक राकेश अग्रवाल, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता, उत्तर बंगाल के आईजी सुकेश जैन तथा खुफिया ब्यूरो (IB) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्री अमित शाह उत्तर बंगाल स्थित राज्य सचिवालय की शाखा ‘उत्तर कन्या’ में भी कई महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। दौरे के अंतिम दिन रविवार को अमित शाह राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
