वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार, बंदर अब्बास, किश द्वीप, क़ेश्म द्वीप और बुशहर प्रांत के जाम क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं और होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले करने की क्षमता को कमजोर करना है।
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, कई मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट किए जाने की खबरें हैं। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दो तेल टैंकरों पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत और कई चालक दल के सदस्य घायल होने की सूचना है।
तनाव के बीच बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, ईरान के साथ हुआ समझौता केवल एक परीक्षा था और अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। पूरे घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
