पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने सभी 145 निबंधन कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल और पेपरलेस बनाने की योजना शुरू कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को रजिस्ट्री के लिए कागजी प्रक्रिया और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इस डिजिटल अभियान की शुरुआत 11 जुलाई को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से हुई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेपरलेस डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली का उद्घाटन किया। पहले चरण में 10 कार्यालयों को पूरी तरह ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 18 जुलाई को नौ और कार्यालय इस व्यवस्था से जुड़ जाएंगे।
सरकार की योजना के अनुसार अगस्त से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में डिजिटल प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है। इसमें दस्तावेज तैयार करने, जांच, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। खरीदार और विक्रेता डिजिटल हस्ताक्षर (ई-साइन) के जरिए रजिस्ट्री पूरी कर सकेंगे। नई व्यवस्था में आधार आधारित सत्यापन और ओटीपी ई-साइन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि, डिजिटल रजिस्ट्री से समय और खर्च दोनों की बचत होगी और जमीन से जुड़े काम पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान हो जाएंगे।
