2 मरीजों की मौत के बाद DD हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित, OT-ICU समेत अस्पताल सील

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। सेमरा (गौरेला रोड) स्थित डी.डी. हॉस्पिटल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दो महिला मरीजों की मौत और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी ने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (OT), आईसीयू (ICU) और वार्ड को सील करने के आदेश जारी किए हैं।

जांच के अनुसार, ग्राम बेदरचुआ निवासी ज्योति सोनवानी को 11 जून 2026 को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था। आरोप है कि रास्ते में एक एजेंट ने एम्बुलेंस रुकवाकर उन्हें डी.डी. हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कई दिनों तक लापरवाही से इलाज किया गया और हालत बिगड़ने पर सिम्स रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने आयुष्मान योजना के बावजूद करीब 1.45 से 1.50 लाख रुपये की अवैध वसूली का भी आरोप लगाया।

दूसरे मामले में ग्राम जिलगा की 35 वर्षीय गर्भवती महिला लीलावती को गंभीर एक्लैम्पसिया और एनीमिया की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि आवश्यक विशेषज्ञ और सुविधाएं नहीं होने के बावजूद अस्पताल ने मरीज को भर्ती रखा। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

17 और 18 जून को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में 11 मरीज भर्ती मिले, जिनमें तीन का ऑपरेशन हो चुका था, लेकिन अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही पर्याप्त प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ। जांच में यह भी पाया गया कि अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट उपलब्ध नहीं थे, फिर भी सर्जरी की जा रही थी। अस्पताल द्वारा गंभीर बीमारियों के इलाज के दावों की भी पुष्टि नहीं हो सकी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन संचालक बी.डी. अग्रवाल का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2010 के तहत अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) निलंबित कर दिया गया और अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी है।