दुर्ग। बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर करीब 1.60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का रेंज साइबर थाना दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, रेंज साइबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल कार्यालय का अधिकारी बताकर पीड़ित को बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर पीड़ित से करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी कर ली।
मामले की जांच के दौरान पुलिस पहले ही एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार कर चुकी थी। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर एक विशेष टीम को दिल्ली भेजा गया। जांच के दौरान पुलिस ने मनमीत सिंह, अमनदीप सिंह और ईशांत माहे उर्फ ईशु की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाए और उन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का संचालन एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर फ्रॉड नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था, जो देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 1 जुलाई 2026 को दिल्ली से विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद तीस हजारी न्यायालय, दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उन्हें दुर्ग लाया गया। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
