महिलाओं में एनीमिया बना बड़ा खतरा, थकान से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं तक बढ़ा जोखिम

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चंडीगढ़। पंजाब के राजधानी चंडीगढ़ में महिलाओं में एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में सामने आ रहा है। हाल के मामलों से पता चलता है कि यह बीमारी केवल गर्भावस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरावस्था से लेकर मेनोपॉज़ तक हर उम्र में महिलाओं को प्रभावित कर रही है। मीरा (52), एक स्कूल टीचर, लंबे समय तक थकान, चक्कर और सांस फूलने की समस्या से जूझ रही थीं। जांच में उनका हीमोग्लोबिन 7.8 g/dL पाया गया, जो गंभीर एनीमिया की स्थिति थी। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भारी मासिक धर्म और आयरन की कमी इसका मुख्य कारण रहा। उपचार और डाइट सुधार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

इसी तरह 16 वर्षीय रिया में स्कूल स्क्रीनिंग के दौरान एनीमिया पाया गया। अनियमित खान-पान और जंक फूड की आदत ने उनकी सेहत को प्रभावित किया। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 के अनुसार, भारत में 15–49 वर्ष की लगभग 57% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। आयरन, विटामिन B12 और फोलेट की कमी, गलत खान-पान, बार-बार डाइटिंग और जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और समय पर जांच इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।