नकटी गांव के उजड़े परिवारों का कलेक्ट्रेट घेराव, मुआवजा-विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन

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रायपुर।(तुमेश साहू) नकटी गांव के रहवासियों ने मुआवजा और सही विस्थापन की मांग को लेकर रायपुर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पीड़ित ग्रामवासी और कांग्रेस के लोग मौजूद रहे। ग्राम वासियों ने बताया कि हम कई वर्षों से नकटी गांव में बसे हुए हैं। उसके बावजूद सरकार के द्वारा हमारे घर को तोड़ा गया है। हमें सही विस्थापन दिया जाए ताकि हम सही ढंग से अपने जीवन व्यतीत कर सके। हम गरीब लोग हैं हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं। ऐसे में हम अब कहां जाएं। सरकार के द्वारा विस्थापन के लिए एक बीएचके का मकान दिया गया है। जिसमें ना बिजली है ना पानी है और न हीं मूलभूत सुविधाएं हैं। ऐसे घर में हम नहीं रहा पा पाएंगे। हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि हमें सही विस्थापन और घर तोड़ने के बदले मुआवजा दिया जाए। कई परिवार ऐसे है जिनके पास जानवर भी है। जिनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार मूलभूत सुविधा वाला घर और उचित मुआवजा नहीं देती, आंदोलन जारी रहेगा। मामला अब सिर्फ मकान का नहीं, रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य का है।

जब तक मांगे पूरी नहीं होगी प्रदर्शन करेंगे

पीड़ित रहवासी शिव साहू ने बताया कि अभी हम कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर पहुंचे हुए हैं। कई घंटे से हम ग्राम वासी यहां प्रदर्शन कररहे हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं सुनती है और मानती नहीं है तब तक हम प्रदर्शन करेंगे।

घर तोड़ने के बदले मुआवजा दे सरकार

पीड़ित ग्रामीण जोहर साहू ने बताया कि 30 साल से उनका परिवार नकटी में घर बनाकर रह रहे थे।
बुलडोजर आया और सब उजाड़ दिया। बच्चे रोते रहे। सरकार ने जो 1 बीएचके दिया उसमें अंधेरा है। न लाइट जलती है, न नल में पानी आता है। 5 लोगों का परिवार एक कमरे में कैसे रहेगा? मैं मजदूरी करता हूं। दिनभर काम के बाद रात को कहां सिर छुपाऊं? हम भीख नहीं मांग रहे, हक मांग रहे हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर सुबह से बैठे हैं। जब तक कागज में मुआवजा और पक्का मकान नहीं मिलेगा, यहां से नहीं हटेंगे।

*गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए’

सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है। उन्होंने नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने की योजना वापस लेने या नया रायपुर में कहीं कॉलोनी को शिफ्ट करने की मांग की है। विधायक ने इस पूरी घटना को अत्यंत पीड़ादायक, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने पत्र में लिखा है कि, गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवास बनाना किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं है। जनता ने हमें उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए सुविधाएं खड़ी करने के लिए।
मैं इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती हूं और नकटी गांव के सभी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हूं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि, गरीबों का घर उजाड़कर उन्हें ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।