अभिषेक बनर्जी के घर देर रात छापेमारी पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस से मांगा जवाब

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर देर रात हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी और ऑडियो-वीडियो फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

यह मामला सोमवार को हाईकोर्ट में TMC द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कोलकाता पुलिस से पूछा कि आधी रात के बाद तलाशी अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर पूरी कार्रवाई का विवरण देना होगा। इसके बाद TMC को भी दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

TMC की ओर से अदालत में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने बिना वारंट के अभिषेक बनर्जी के 121 कालीघाट रोड स्थित आवास पर तलाशी ली, जबकि एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं था। पार्टी ने इसे पुलिस शक्ति का दुरुपयोग बताया। वकीलों ने यह भी कहा कि तलाशी के दौरान सुबह करीब 5 बजे ताला तोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को भी बुलाया गया, जिसे उन्होंने कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाने वाला कदम बताया।

यह कार्रवाई कथित तौर पर सालबोनी में सरकारी जमीन बिक्री से जुड़े मामले में अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय की तलाश के सिलसिले में की गई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए सभी पक्षों से जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई तक सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।