बंगाल में बड़ी कार्रवाई: वसूली और धमकी मामले में TMC के दो नेताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नेताओं को रंगदारी, भ्रष्टाचार और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी काफी समय से फरार चल रहे थे और अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार नेताओं की पहचान सुमित शर्मा और सैयद कलीमुद्दीन उर्फ बप्पा के रूप में हुई है। सुमित शर्मा बर्धमान नगर पालिका के वार्ड नंबर-1 के पार्षद हैं। उन्हें पूर्व टीएमसी विधायक खोकन दास का करीबी माना जाता है, जिन्हें इसी से जुड़े एक मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, भ्रष्टाचार, रंगदारी और लोगों को धमकाने के आरोपों का सामना कर रहे सुमित शर्मा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही फरार थे। कुछ दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि वह बर्धमान के लक्ष्मीपुर मठ इलाके स्थित अपने घर लौटे हैं। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी सैयद कलीमुद्दीन उर्फ बप्पा, रैना क्षेत्र के टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष हैं। पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर शनिवार देर रात नवाबहाट इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के पास से उन्हें गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भी रंगदारी सहित कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि सुमित शर्मा पर बर्धमान के स्थानीय लोगों और व्यापारियों से अवैध वसूली करने का आरोप है। आरोप है कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से ‘कट मनी’ वसूलते थे। वहीं, सैयद कलीमुद्दीन पर भी इसी तरह अवैध कमीशन लेने के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, जो लोग कट मनी देने से इनकार करते थे, उनके साथ कथित तौर पर मारपीट भी की जाती थी। पुलिस ने बताया कि दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज शिकायतों के हर पहलू की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद राज्यभर में पूर्व सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं के खिलाफ रंगदारी, धमकी, मारपीट, अवैध भूमि कब्जा, सरकारी धन के गबन और राहत सामग्री की जमाखोरी जैसे मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।