मुंबई। बठिंडा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री Harsimrat Kaur Badal ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तख्त सचखंड हजूर अबचलनगर साहिब बोर्ड की स्वायत्तता बनाए रखने की अपील की है। यह मामला महाराष्ट्र सरकार द्वारा 1956 के नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड हजूर अबचलनगर साहिब एक्ट को रद्द करने के प्रस्ताव के बाद सामने आया है। पत्र में कहा गया है कि 1956 के कानून के तहत सिख समुदाय को इस पवित्र स्थल के प्रबंधन में पूरी स्वायत्तता मिली हुई थी, जिसे नए प्रस्तावित कानून से प्रभावित किया जा सकता है।
आरोप है कि नए कानून में सरकारी नामांकित सदस्यों की संख्या बढ़ाने और बोर्ड के ढांचे में बदलाव की कोशिश की जा रही है, जिससे इसकी मूल संरचना बदल सकती है।हरसिमरत कौर बादल ने यह भी कहा कि सिख संस्थाओं, SGPC और अन्य संगठनों से बिना परामर्श किए यह बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने 2024 में किए गए पहले संशोधन का भी उल्लेख किया, जिसे विरोध के बाद वापस ले लिया गया था।इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जहां कुछ नेताओं ने सिख संगठनों से मिलकर इस मामले को गंभीरता से उठाने की बात कही है।

