नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी कंपनी Apple के शेयरों में उस समय बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी ने मेमोरी चिप्स और स्टोरेज कॉम्पोनेंट्स की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए MacBook, iPad, Vision Pro और अन्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया। कीमतें बढ़ने के बाद नैस्डैक पर Apple का शेयर 6.15 फीसदी गिरकर 275.15 डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 6.59 फीसदी टूटकर 273.75 डॉलर के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। हालांकि, आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग में शेयर में हल्की रिकवरी देखने को मिली और यह 276.29 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया।
कंपनी के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों के विस्तार के कारण मेमोरी और स्टोरेज कॉम्पोनेंट्स की लागत बढ़ गई है, जिसके चलते कई प्रमुख उत्पादों की कीमतों में संशोधन किया गया है। MacBook Neo की शुरुआती कीमत 599 डॉलर से बढ़ाकर 699 डॉलर कर दी गई है, जबकि 13-इंच MacBook Air अब 1,299 डॉलर में उपलब्ध होगा। इसी तरह iMac, Mac Studio और MacBook Pro के विभिन्न मॉडल भी पहले की तुलना में महंगे हो गए हैं। Apple TV की कीमतों में भी 70 से 200 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गई है।
नई कीमतें कंपनी के ऑनलाइन रिटेल स्टोर पर वैश्विक स्तर पर लागू कर दी गई हैं। हालांकि फिलहाल Apple ने iPhone, Apple Watch और AirPods की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन कंपनी ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य उत्पादों की कीमतों में भी संशोधन किया जा सकता है। गौरतलब है कि iPhone अभी भी Apple की आय का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है।
वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में भी मिश्रित कारोबार देखने को मिला। बिग टेक कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के चलते नैस्डैक दबाव में रहा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़त के साथ बंद हुआ। निवेशकों की नजर अब Apple की आगामी रणनीति और वैश्विक मांग पर बनी हुई है।
