*राहत शिविर में स्वास्थ्य जांच, घर-घर सर्वे से प्रभावितों की निगरानी; एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध*
मुंगेली। जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच मुंगेली जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। लोरमी विकासखंड के ग्राम बिजराकछार में बाढ़ प्रभावित करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर स्कूल और पंचायत भवन में ठहराया गया है। यहां राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही है।
राहत शिविर से लेकर घर-घर तक पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य अमला प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है। खंड चिकित्सा अधिकारी लोरमी डॉ. जी.एस. दाऊ, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र पाण्डेय, आरएचओ शिवपाल धनकर सहित स्वास्थ्य टीम राहत शिविर में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है।
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प्रशासन ने राहत शिविर तक ही स्वास्थ्य सेवाओं को सीमित नहीं रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं। किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं जैसे संवेदनशील वर्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार उन्हें ’’प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुडि़या’’ भेजकर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे किसी भी संभावित आपात स्थिति में समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सर्पदंश से लेकर संक्रमण तक, दवाओं का पर्याप्त इंतजाम
बाढ़ के दौरान सर्पदंश और अन्य आकस्मिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है। प्रभावित क्षेत्र में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य अमला ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, स्वच्छता तथा बाढ़ के बाद होने वाले संभावित संक्रमणों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दे रहा है।
प्रशासन की निगरानी में राहत और स्वास्थ्य सेवाएं
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। राहत शिविरों में ठहराए गए लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ प्रभावित गांवों में सतत सर्वे और निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य दल, दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ की चुनौती के बीच जिला प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी से प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय के साथ समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रशासन का फोकस बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक राहत और चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर है।

