कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, बोगोटा में ऊंची इमारतें खाली कराईं

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*हजारों लोग घरों से निकलकर खुले स्थानों पर पहुंचे; कई इलाकों में बिजली और दूरसंचार सेवा प्रभावित, बड़े नुकसान की सूचना नहीं*

बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार सुबह शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 मापी गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और कोलंबिया के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, यह इस वर्ष क्षेत्र में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। भूकंप के तेज झटकों के बाद राजधानी बोगोटा में ऊंची इमारतों को तत्काल खाली करा लिया गया।

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हजारों लोग घबराकर घरों और कार्यालयों से निकलकर सड़कों तथा खुले स्थानों की ओर चले गए। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। कोलंबिया के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार सोमवार सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर आया। भारतीय समय के अनुसार यह शाम करीब 6 बजकर 4 मिनट था।

भूकंप का केंद्र प्रशांत तटीय क्षेत्र में स्थित चोको प्रांत के सैन जोस डेल पाल्मार से करीब पांच किलोमीटर पूर्व में बताया गया है। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर करीब 107 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके केवल राजधानी बोगोटा तक सीमित नहीं रहे। मेडेलिन और काली समेत कोलंबिया के कई हिस्सों में लोगों ने तेज कंपन महसूस किया। पड़ोसी देश वेनेजुएला की सीमा से लगे कुछ इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

भूकंप के दौरान लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षा के लिए इमारतों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर लोगों को खुले मैदानों और पार्कों में जाते देखा गया। बोगोटा के महापौर कार्लोस गालान ने सामाजिक माध्यम के जरिए बताया कि शहर की कुछ इमारतों में मामूली दरारें देखी गई हैं। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े या गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके काफी तेज और लंबे समय तक महसूस किए गए। कई घरों में सामान हिलता और झूलता दिखाई दिया। भूकंप के बाद कोलंबिया की राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन इकाई ने उच्च सतर्कता जारी कर दी है। राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया गया है। दूरदराज के पहाड़ी इलाकों और चोको प्रांत के गांवों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ संवेदनशील इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और दूरसंचार सेवाओं में परेशानी की जानकारी सामने आई है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विस्तृत जांच और सर्वेक्षण अभी जारी है। वैज्ञानिकों ने भूकंप के बाद आने वाले अगले 24 से 48 घंटों के दौरान संभावित झटकों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त या कमजोर इमारतों से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है।

कोलंबिया भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के ‘अग्नि वलयÓ क्षेत्र के प्रभाव वाले इलाके में स्थित है। यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में कई भूगर्भीय प्लेटें एक-दूसरे से मिलती हैं और उनके बीच लगातार हलचल होती रहती है। यही कारण है कि प्रशांत महासागर के आसपास के देशों में भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर देखने को मिलती हैं।

फिलहाल कोलंबियाई प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था सुनिश्चित करना, दूरदराज के इलाकों से संपर्क स्थापित करना और भूकंप से हुए नुकसान का व्यापक आकलन करना है।