रायगढ़। जिले के कापू थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई “अभियान संवेदना” के तहत की गई, जिसमें महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी तक पहुंच बनाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 जून 2026 को पीड़िता के पिता ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 14 वर्षीय बेटी घर से लापता है। घटना के दिन 20 जून की रात माता-पिता एक शादी समारोह में गए हुए थे, और सुबह लौटने पर बेटी घर पर नहीं मिली। खोजबीन के दौरान वह आरोपी अभिषेक टंडन के घर में मिली, जिसके बाद उसे परिजन वापस घर लेकर आए। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क कर उसे गांव के नदी किनारे बुलाया था। वहां आरोपी ने डराकर और धमकाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां रात में भी उसके साथ दोबारा जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।
पीड़िता ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में भी आरोपी द्वारा उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसकी शिकायत पहले भी थाना कापू में दर्ज कराई गई थी। इस नई शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव की टीम ने पीड़िता का बयान महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज कराया और मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जुटाए और पीड़िता का मोबाइल फोन भी जब्त किया। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी अभिषेक टंडन (उम्र 21 वर्ष) के घर पर दबिश दी और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने घटना स्वीकार की, जिसके बाद घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को 24 जून 2026 की शाम विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर किस तरह से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले अपराधों पर विशेष नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश जारी करते हुए कहा कि हर शिकायत पर तुरंत और संवेदनशील कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस पूरे मामले की जांच में थाना कापू पुलिस, महिला पुलिस अधिकारी, साइबर टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तेजी से कार्रवाई की गई। पुलिस ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए जागरूकता और निगरानी दोनों को और मजबूत किया जाएगा। यह मामला जिले में गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।
