नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ अगले महीने से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट चयनकर्ताओं ने अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा पर भरोसा बनाए रखा है। टीम चयन को लेकर जहां एक ओर अनुभव को प्राथमिकता दी गई है, वहीं दूसरी ओर युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को मौका न मिलने पर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। रोहित शर्मा लंबे समय से भारतीय वनडे टीम का अहम हिस्सा रहे हैं और उनकी कप्तानी व बल्लेबाजी अनुभव को टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चयनकर्ताओं के फैसले में यह साफ संकेत मिलता है कि वे आगामी बड़े टूर्नामेंटों, खासकर 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम संयोजन तैयार कर रहे हैं।
हालांकि, इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें नजरअंदाज करना उचित नहीं लगता। यशस्वी जायसवाल ने पिछले कुछ वनडे मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने पिछले तीन वनडे मुकाबलों में दो शतक जड़े हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई नाबाद 116 रन की पारी भी शामिल है, जिसने उनकी प्रतिभा को और मजबूती से स्थापित किया।
इसके अलावा भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के तीसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 110 रन की शानदार पारी खेली थी। इस प्रदर्शन के बावजूद उन्हें आगामी सीरीज के लिए अंतिम टीम में जगह नहीं मिलना कई क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए आश्चर्य का विषय बन गया है। संजय मांजरेकर ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यशस्वी ने सीमित मौकों में ही अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा कि मजबूत भारतीय वनडे टीम में जो भी सलामी बल्लेबाज मौका पाता है, उससे प्रदर्शन की उम्मीद होती है और यशस्वी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वह इस स्तर पर खेलने के योग्य हैं।
मांजरेकर ने यह भी कहा कि चयनकर्ताओं का रोहित शर्मा को शामिल करना इस बात का संकेत है कि वे उन्हें 2027 विश्व कप योजनाओं का हिस्सा मानते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय टीम प्रबंधन को भविष्य की योजना बनाते समय केवल बड़े नामों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके अनुसार, टीम चयन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, जहां अनुभव और युवा प्रतिभा दोनों को समान अवसर मिले। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा फॉर्म में खेलने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना लंबे समय में टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इस मुद्दे ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी बहस को जन्म दे दिया है। एक वर्ग का मानना है कि अनुभव के आधार पर रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों का टीम में होना जरूरी है, जबकि दूसरा वर्ग युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके देने की वकालत कर रहा है। बीसीसीआई चयनकर्ताओं की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन टीम चयन को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। आने वाली इंग्लैंड सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर भी सभी की नजरें रहेंगी। कुल मिलाकर, यह मामला भारतीय क्रिकेट में अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है, जहां एक ओर अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कायम है, वहीं दूसरी ओर उभरते सितारों की अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं।
