नई दिल्ली। शनिवार शाम आयोजित पहले इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स समारोह में भारतीय खेल जगत के शीर्ष एथलीटों को सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पुरुष वर्ग में और पारुल चौधरी को महिला वर्ग में ‘बेस्ट एथलीट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय एथलेटिक्स के प्रदर्शन और उपलब्धियों को पहचान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
समारोह में युवा प्रतिभाओं को भी विशेष सम्मान दिया गया। शाहनवाज़ खान और पूजा को ‘बेस्ट इमर्जिंग एथलीट’ यानी सबसे होनहार उभरते एथलीट के रूप में चुना गया। इस श्रेणी में उन खिलाड़ियों को शामिल किया गया जिन्होंने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है।
यह पुरस्कार एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा शुरू किए गए हैं, और इसका आयोजन भारतीय एथलेटिक्स इकोसिस्टम में उत्कृष्ट प्रदर्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। इनमें वर्ल्ड एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष अडिल जे. सुमारिवाला, श्रीलंका एथलेटिक्स के अध्यक्ष कोरोटागे बिमल प्रसन्ना और मालदीव के खेल आयुक्त मोहम्मद थोलल शामिल थे। सभी ने भारतीय एथलेटिक्स के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय एथलेटिक्स ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि भारतीय एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है।
उनके अनुसार, इंडियन एथलेटिक्स अवार्ड्स उन सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जो इस विकास यात्रा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पुरस्कार भारतीय खेल प्रणाली को और मजबूत करेंगे और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगे। खेल मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और खेल संस्थान मिलकर एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम के दौरान एथलेटिक्स जगत के विकास, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने भारतीय एथलीटों की अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती सफलता पर संतोष व्यक्त किया। कुल मिलाकर यह समारोह भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ, जिसमें न केवल शीर्ष खिलाड़ियों को सम्मान मिला, बल्कि उभरती प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन दिया गया।

