नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना एक सामान्य समस्या है, जिससे जोड़ों में दर्द, फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर महिलाओं में यह समस्या अपेक्षाकृत जल्दी देखने को मिलती है। हालांकि, सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी है। दूध, दही, पनीर, तिल, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने दैनिक आहार में शामिल करें। वहीं, विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, इसलिए रोजाना 15-20 मिनट धूप में समय बिताना फायदेमंद माना जाता है। अंडे की जर्दी, मशरूम और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी इसके अच्छे स्रोत हैं।
नियमित व्यायाम भी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग और हल्की वेट ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां हड्डियों की सेहत को बेहतर बनाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। प्रोटीन हड्डियों की मरम्मत और विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। दालें, सोया, अंडे और ड्राई फ्रूट्स जैसे खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलता है। वहीं, अधिक मात्रा में चाय, कॉफी और शराब का सेवन शरीर में कैल्शियम के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
धूम्रपान भी हड्डियों की मजबूती को नुकसान पहुंचाता है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन हड्डियों को कमजोर कर सकता है, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए धूम्रपान से दूरी बनाना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण, ध्यान और प्राणायाम जैसी आदतें भी शरीर के हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाए रखती हैं, जिससे हड्डियों को उचित पोषण मिलता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 40 वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों की नियमित जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन D सप्लीमेंट्स का सेवन भी किया जा सकता है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और समय पर जांच के जरिए बढ़ती उम्र में भी हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है।
