बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह उस समय हंगामे और नाराजगी की भेंट चढ़ गया, जब तेज आंधी-बारिश ने पूरे पंडाल को तहस-नहस कर दिया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री सहित शासन का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद था। अचानक बिगड़े मौसम के कारण मुख्य मंच का टेंट उखड़ गया और लोगों को सिर पर कुर्सियां रखकर इधर-उधर भागना पड़ा। बदइंतजामी का आलम यह था कि मुख्यमंत्री का मुख्य आशीर्वाद समारोह, लोकार्पण और भूमिपूजन जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रम बीच में ही रद्द करने पड़े।
इस प्रशासनिक लापरवाही पर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यक्रम रद्द होने के बाद रेस्ट हाउस में आयोजित एक संक्षिप्त बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कलेक्टर-एसपी को सार्वजनिक रूप से कड़ी नसीहत दी। डॉ. रमन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रदेश का पूरा मंत्रिमंडल बेमेतरा में मौजूद था, लेकिन जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप बुनियादी व्यवस्थाएं करने में भी नाकाम रहा।
उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मौसम खराब होने के बाद भी प्रशासन ढाई घंटे तक कोई वैकल्पिक जगह नहीं ढूंढ पाया, जो उनकी प्रशासनिक गंभीरता की कमी को दर्शाता है। अपने लंबे राजनैतिक अनुभव का हवाला देते हुए डॉ. रमन सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि उन्होंने 15 वर्षों तक प्रदेश की कमान संभाली है, लेकिन ऐसी बदइंतजामी आज तक नहीं देखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बड़ी चूक से सबक लेकर अधिकारी भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे।
