नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में पैदा हुए तनाव का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। जून महीने की पहली तारीख से देश में रसोई गैस की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है, जो इस साल दाम बढ़ने का लगातार 7वां मौका है। नई दरों के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 42 रुपये महंगा होकर अब 3,113.50 रुपये का हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज 6 महीनों के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 1,533 रुपये यानी करीब 97 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह करीब दोगुना महंगा हो चुका है।
कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगी इस आग का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना-पीना और महंगा होना तय है। इसका सबसे बड़ा झटका उन प्रवासी मजदूरों, नौकरीपेशा युवाओं और छात्रों को लगेगा जो बाहर रहकर पढ़ाई या काम करते हैं और टिफिन या रेस्टोरेंट के खाने पर निर्भर हैं। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मिडिल क्लास परिवारों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। वहीं दूसरी ओर, 5 किलोग्राम वाले ‘छोटू’ वाणिज्यिक सिलेंडर (फ्री ट्रेड एलपीजी) के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। दिल्ली में इसमें 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 810.50 रुपये से बढ़कर अब 821.50 रुपये पर पहुंच गई है। गैस सिलेंडरों की ये सभी नई और बढ़ी हुई कीमतें आज, 1 जून 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गई हैं।
