रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आम प्रेमियों, किसानों और उद्यमियों के लिए एक खास आयोजन होने जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 29 से 31 मई तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में देश और विदेश की 250 से अधिक आम की किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर दुर्लभ और लोकप्रिय आम देखने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन का संयुक्त रूप से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य आम उत्पादन, प्रसंस्करण और उससे जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।
पहले दिन होगा पंजीयन और प्रदर्शनी का शुभारंभ
राष्ट्रीय आम महोत्सव के पहले दिन 29 मई को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रतिभागियों की प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। आयोजन में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत देश के अलग-अलग राज्यों के आम उत्पादक हिस्सा लेंगे। प्रदर्शनी आम जनता के लिए तीनों दिन रात 9 बजे तक खुली रहेगी। यहां आम की दुर्लभ और खास किस्मों के अलावा आम से बने उत्पाद और आम के पौधे भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। आयोजकों के अनुसार प्रवेश और पंजीयन पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का हिस्सा बन सकें।
आम से बने व्यंजन और सजावट प्रतियोगिता भी होगी
महोत्सव में केवल आम की किस्मों का प्रदर्शन ही नहीं होगा, बल्कि आम से बने व्यंजन और आम सजावट प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विद्यालय और महाविद्यालय के विद्यार्थी, महिलाएं और आम नागरिक भी इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ शामिल होना होगा। वहीं आम से बने व्यंजन प्रतियोगिता में कम से कम 250 ग्राम उत्पाद के साथ पंजीयन कराया जा सकेगा। आयोजकों का कहना है कि इससे लोगों को आम के विविध उपयोग और उससे जुड़े स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिलेगी।
किसानों को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन
राष्ट्रीय आम महोत्सव के दूसरे दिन 30 मई को आम उत्पादक किसानों और इच्छुक लोगों के लिए विशेष तकनीकी परिचर्चा और मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान विशेषज्ञ किसानों को आम की उन्नत किस्मों के उत्पादन, बागवानी तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की जानकारी देंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि पर्यावरण संरक्षण के साथ आम उत्पादन को स्वास्थ्यवर्धक और लाभकारी व्यवसाय के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। आयोजकों का मानना है कि इससे युवाओं का रुझान बागवानी और कृषि आधारित उद्यमों की ओर बढ़ेगा।
सफलता की कहानियां साझा करेंगे किसान और उद्यमी
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन 31 मई को सफल आम उत्पादक किसान और उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस सत्र में किसान बताएंगे कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए उन्होंने आम उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय में कैसे बदला। इसके अलावा आयोजन के अंतिम दिन प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले दो वर्षों से राष्ट्रीय आम महोत्सव का सफल आयोजन किया जा रहा है और इसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों और आम प्रेमियों के शामिल होने की उम्मीद है।
