नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान एक बेहद भावुक और चकित कर देने वाला नजारा देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जब पुडुचेरी के प्रसिद्ध सिलंबम गुरु के. पजानिवेल को पद्म श्री से सम्मानित करने के लिए उनके नाम की घोषणा की, तो वे पुरस्कार मंच की ओर बढ़ने से पहले अग्रिम पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे। उन्होंने पीएम मोदी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए जमीन पर लेटकर उन्हें साष्टांग प्रणाम किया। इस अप्रत्याशित और आदरपूर्ण भाव को देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
के. पजानिवेल पुडुचेरी के एक विख्यात कोच हैं, जिन्होंने पारंपरिक तमिल मार्शल आर्ट ‘सिलंबम’ को वैश्विक पहचान दिलाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। इस प्राचीन युद्धकला में बांस की लाठी का उपयोग किया जाता है। पजानिवेल अब तक 5 हजार से अधिक युवाओं को इस कला का प्रशिक्षण दे चुके हैं। कला और संस्कृति में उनके इसी अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से नवाजा गया है।
राष्ट्रपति भवन के इस विशेष गरिमामयी समारोह के पहले चरण में राष्ट्रपति मुर्मू ने कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 66 प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया। इस साल कुल 131 गणमान्य लोगों को पद्म पुरस्कार दिए जाने हैं, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। इस बार दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत और एन. राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, प्रसिद्ध बैंकर उदय कोटक और दिवंगत एड गुरु पीयूष पांडे सहित 6 हस्तियों को पद्म भूषण प्रदान किया गया।
